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अयोध्या की गौरवगाथा में यूपीनेडा ने जोड़ा नया अध्याय

अवधपति की नगरी बन रही देश की पहली सोलर सिटी

लखनऊ। सूर्यवंश की गौरवशाली राजधानी अब सूर्य की ही आभा से नव्य-भव्य स्वरूप को प्राप्त करने के साथ ही वैश्विक कीर्तिमान स्थापित करने की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रही है। प्रधानमंत्री की प्रेरणा और मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में प्रदेश के ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा के अथक प्रयासों से अयोध्या को सोलर सिटी के मॉडल के तौर पर प्रोजेक्ट किया जा रहा है। अयोध्या के सरायरासी और रामपुर हलवारा में राज्य सरकार और एनटीपीसी के संयुक्त सहयोग से स्थापित हो रही 40 मेगवाट सौर उर्जा परियोजना का ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा जी ने स्थलीय निरिक्षण किया। निरिक्षण के दौरान मंत्री ने कहा कि अयोध्या धाम श्री राम की नगरी है और भगवान राम सूर्य के उपासक हैं। अयोध्या नगर को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने के लिये एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड द्वारा 40 मेगावॉट सौर उर्जा परियोजना का निर्माण कार्य प्रगति पर है और जल्द ही हम इसे पूर्ण करते हुए श्री राम के चरणों में समर्पित कर देंगे। निरिक्षण के दौरान ऊर्जा मंत्री ने एनटीपीसी के सीएमडी सहित पूरी टीम एवं ऊर्जा परिवार को कार्य नगण्य समय में पूरा करने के लिए बधाई दी है। साथ ही प्रधानमंत्री,मुख्यमंत्री और केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आर के सिंह को को भी सादर नमन करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया है।

प्रदेश के ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा जी ने प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम के दो दिन पूर्व अयोध्याधाम में ऊर्जा विभाग द्वारा कराये गए कार्यों का निरिक्षण किया। उन्होंने सरायरासी और रामपुर हलवारा में राज्य सरकार और एनटीपीसी के संयुक्त सहयोग से स्थापित हो रहे सौर्य ऊर्जा प्लांट की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। ऊर्जा मंत्री श्री शर्मा ने 14 मेगावाट की क्षमता के प्लांट की शुरुआत होने पर सभी कर्मियों समेत अयोध्या और प्रदेश की जनता को बधाई एवं शुभकामनायें दी हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही सूर्य के उपासक श्री राम की नगरी सौर्य ऊर्जा से जगमगाएगी। अयोध्या धाम में स्थापित हो रही सौर उर्जा परियोजना अवधपति की सेवा में समर्पित है। अयोध्या धाम को देश की पहली सोलर सिटी के रूप में विकसित करने के लिये एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड द्वारा 40 मेगावॉट सौर उर्जा परियोजना का निर्माण कार्य प्रगति पर है और जल्द ही हम इसे पूर्ण करते हुए श्री राम के चरणों में समर्पित कर देंगे। इस परियोजना से उत्पादित विद्युत, दर्शन नगर बिजलीघर को 132 किलोवोल्ट, 5.5 किमी लम्बी ट्रॅन्समिशन लाइन द्वारा संचारित की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस परियोजना से लगभग 8.65 करोड़ यूनिट का वार्षिक उत्पादन होगा, जो अयोध्या नगर की 30 प्रतिशत ऊर्जा की आपूर्ति करेगा और लगभग 80 हज़ार टेन कार्बन उत्सर्जन में कमी भी आएगी। अयोध्या धाम में स्थापित हो रहे 40 मेगावॉट के सौर्य ऊर्जा परियोजना के निर्माण में लगभग 1.04 लाख 550 वॉट के बाईफेसिअल सोलर पैनल लगाये जाने हैं। जिसमें 36 हजार पैनल्स लगायें जा चुके हैं। इस परियोजना को भगवान श्री राम के चरणों में समर्पित करने के लिए के 300 से 350 कार्मिक एवं 25-30 अभियंता अपनी पूर्ण निष्ठा के साथ दिन-रात प्रयासरत हैं। अयोध्या के लिए बनी विशिष्ट कार्ययोजना को क्रियान्वित करते हुए उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (यूपीनेडा) जल्द ही ‘दुनिया की सबसे बड़ी सोलर पावर्ड स्ट्रीट लाइट्स लाइन’ परियोजना को पूर्ण करके वैश्विक कीर्तिमान स्थापित करने की दिशा में तेजी से प्रयास कर रहा है।

श्रीराम लला के प्राण प्रतिष्ठा का पूरे विश्व में सनातन धर्म उत्सव का माहौल मना रहा है। यूपीनेडा भी सूर्यवंश की गौरवगाथा को नया प्रतिमान देते हुए सोलर पावर्ड स्ट्रीट्स लाइट्स की सबसे लंबी श्रृंखला को अयोध्या में संचालित कर दी है। इस परियोजना के तहत 10.15 किमी के स्ट्रेच में 470 सोलर पावर्ड स्ट्रीट लाइट्स लगाकर यूपीनेडा अयोध्या की गौरवगाथा में एक नया अध्याय जोड़ रही है। अयोध्या में लक्ष्मण घाट से लेकर गुप्तार घाट होते हुए निर्मली कुंड तक 10.2 किमी के स्ट्रेच में 470 सोलर स्ट्रीट लाइट्स लगायी गयी हैं. लक्ष्मण घाट से गुप्तार घाट तक 310 सोलर लाइट्स को इम्पैनल्ड करके रोलआउट कर दिया गया है। गुप्तारघाट से लेकर निर्मली कुंड तक 1.85 किमी के स्ट्रेच में 160 सोलर पावर्ड स्ट्रीट लाइटें लगाई गयी हैं। यह सभी सोलर पावर्ड स्ट्रीट लाइटें एलईडी बेस्ड हैं जो कि 4.4 वॉट पावर पर कार्य करती हैं तथा स्मार्ट टेक्नोलॉजी युक्त हैं। इनके इंस्टॉलेशन के जरिए लक्ष्मण घाट से लेकर निर्मली कुंड तक 10.2 किमी का स्ट्रेच दूधिया रोशनी से जगमगा रहा है। वहीं 2500 सोलर स्ट्रीट लाइट, 500 स्मार्ट सोलर स्ट्रीट लाइट, 40 सोलर ट्री, अनेक सोलर वॉटर एटीएम तथा सोलर बोट भी कार्यान्वित हैं।

सोलर बोट से अयोध्या धाम के त्रेतायुगीन वैभव को पुनर्स्थापित करने का प्रयास

प्रदेश सरकार अयोध्या के त्रेतायुगीन वैभव को पुनर्स्थापित करने के लिए देश की पहली सोलर पावर इनेबल्ड ई-बोट को सरयू में उतारा है। यूपीनेडा ने अयोध्या की सरयू नदी में इस बोट सर्विस के नियमित संचालन शुरू कर दिया है। यह ड्यूअल मोड ऑपरेटिंग बोट है जो 100 प्रतिशत सोलर इलेक्ट्रिक पावर बेस पर काम करती है। इसे सोलर एनर्जी से चार्ज करने के साथ ही इलेक्ट्रिक एनर्जी के जरिए भी ऑपरेट किया जा सकता है। बोट संचालन के दौरान किसी प्रकार का ध्वनि या पर्यावरणीय प्रदूषण नहीं होता है। इसमें एक बार में 30 लोग यात्रा कर सकते हैं। बोट 12 किलोवॉट इलेक्ट्रिक आउटबोर्ड ट्विन मोटर आधारित है। बोट में 46 किलोवॉट प्रति घंटा क्षमता वाली एलेपटी बैटरी लगाई गई है तथा बोट 30 पैसेंजर्स व 2 क्रू के लिहाज से ऑपरेशनल होगी। यूपीनेडा द्वारा विकसित बोट को 3.3 किलोवॉट रूफ टॉप सोलर पैनल्स के जरिए संचालित किया जा रहा है। बोट की रूफटॉप पर कुल 6 सोलर पैनल लगे हैं जोकि 550 वॉट पॉवर ऊर्जा का उत्पादन करते हैं। यह बोट लाइट वेट मैटीरियल और क्लीन एनर्जी बेस्ड होने के कारण नदी में संचालन के दौरान हाई स्पीड पर ऑपरेट होने में सक्षम है और क्रूजिंग के लिहाज से इसकी स्पीड 6 नॉट्स रहेगी जबकि यह 9 नॉट्स की टॉप स्पीड को भी प्राप्त कर सकता है। यह बोट रिमोट व्यूइंग कैपेसिटी से लैस है जिसके जरिए बोट के बैटरी व सोलर पैरामीटर्स का निरीक्षण रिमोट व्यूइंग के जरिए कहीं से भी किया जा सकता है।

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