लखनऊ : 24 जनवरी, 2024
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि उत्तर प्रदेश दिवस प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन को जमीनी धरातल पर उतारने का सशक्त माध्यम बना है। आज हम 7वें उत्तर प्रदेश दिवस के कार्यक्रम से जुड़ रहे हैं। यह वर्ष बहुत महत्वपूर्ण है। सप्तपुरियों में से एक अयोध्या धाम में प्रभु श्रीराम 500 वर्षां के लम्बे इन्तजार के बाद अपने स्वयं के धाम में विराजमान हुए हैं। उत्तर प्रदेश भारत का हृदयस्थल है। यह अत्यन्त प्राचीन काल से ही भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण केन्द्र बिन्दु रहा है।
मुख्यमंत्री आज यहां अवध शिल्प ग्राम में उत्तर प्रदेश दिवस समारोह का शुभारम्भ करने के बाद अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने इसरो की वैज्ञानिक डॉ0 रितु करिधल श्रीवास्तव तथा उद्यमी श्री नवीन तिवारी को उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान प्रदान किया। उन्होंने विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना तथा ओ0डी0ओ0पी0 योजना के अन्तर्गत 05-05 हस्तशिल्पियों एवं कारीगरों को टूलकिट का वितरण किया।
मुख्यमंत्री ने एम0एस0एम0ई0 पुरस्कार के अन्तर्गत 01 उद्यमी को उत्तर प्रदेश उद्यमी पुरस्कार प्रदान किया। उन्होंने सूक्ष्म उद्यम श्रेणी, लघु उद्यम श्रेणी, मध्यम उद्यम श्रेणी तथा सर्वश्रेणी के अन्तर्गत 01-01 उद्यमी को प्रथम पुरस्कार प्रदान किया। विशिष्ट हस्तशिल्प प्रादेशिक पुरस्कार के अन्तर्गत 04 लाभार्थियों को पुरस्कृत किया। उन्होंने एक हस्तशिल्पी को दक्षता पुरस्कार प्रदान किया। 03 बुनकरों को संतकबीर राज्य हथकरघा पुरस्कार तथा 03 उद्यमियों को ईको एवं हेरिटेज टूरिज्म पुरस्कार वितरित किये। उन्होंने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के 06 विजेताओं को भी पुरस्कृत किया। ओ0डी0ओ0पी0 उत्पादों की ई-मार्केटिंग के लिए ‘ओ0डी0ओ0पी0 मार्ट पोर्टल’ को लॉन्च किया। झांसी, अयोध्या, लखनऊ, पूर्वांचल तथा ब्रज सहित जम्मू-कश्मीर के कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा पर आधारित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। इससे पूर्व, मुख्यमंत्री जी ने प्रदर्शनी का उद्घाटन कर अवलोकन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राचीन काल में भारत के 16 महाजनपदों में से 08-काशी, कौशल, मल्ल, चेदि, वत्स, कुरु, पाँचाल और शूरसेन उत्तर प्रदेश के क्षेत्र में आते थे। अलग-अलग समय में अवध, कान्यकुब्ज, काशी, रुहेलखण्ड तथा बुन्देलखण्ड उत्तर प्रदेश का भाग रहे। ब्रिटिश शासन के दौरान इसे पश्चिमी प्रान्त, उत्तर पश्चिम प्रान्त, आगरा और अवध का संयुक्त प्रान्त आदि नामों से जाना गया। वर्ष 1937 से 1950 तक उत्तर प्रदेश को संयुक्त प्रान्त के नाम से जाना गया। 26 जनवरी, 1950 को भारत का संविधान लागू हुआ। इससे 02 दिन पूर्व 24 जनवरी, 1950 को एक नोटिफिकेशन के माध्यम से संयुक्त प्रान्त का नाम परिवर्तित कर उत्तर प्रदेश किया गया। मार्च, 2017 में हमारी सरकार का गठन हुआ। उस समय प्रदेश के राज्यपाल श्री राम नाईक ने प्रधानमंत्री जी के विजन को साकार करने के लिए उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस के आयोजन की बात की थी। 24 जनवरी, 2018 को पहले उत्तर प्रदेश दिवस समारोह को भव्यता और दिव्यता से आयोजित किया गया। जब प्रदेश सरकार ने राज्य की विरासत को प्रोत्साहन दिया और उसे केन्द्र सरकार का संरक्षण मिला, तो आज उत्तर प्रदेश देश व दुनिया में अपना विशिष्ट स्थान बना रहा है।
मुख्यमंत्री आज यहां अवध शिल्प ग्राम में उत्तर प्रदेश दिवस समारोह का शुभारम्भ करने के बाद अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने इसरो की वैज्ञानिक डॉ0 रितु करिधल श्रीवास्तव तथा उद्यमी श्री नवीन तिवारी को उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान प्रदान किया। उन्होंने विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना तथा ओ0डी0ओ0पी0 योजना के अन्तर्गत 05-05 हस्तशिल्पियों एवं कारीगरों को टूलकिट का वितरण किया।
मुख्यमंत्री ने एम0एस0एम0ई0 पुरस्कार के अन्तर्गत 01 उद्यमी को उत्तर प्रदेश उद्यमी पुरस्कार प्रदान किया। उन्होंने सूक्ष्म उद्यम श्रेणी, लघु उद्यम श्रेणी, मध्यम उद्यम श्रेणी तथा सर्वश्रेणी के अन्तर्गत 01-01 उद्यमी को प्रथम पुरस्कार प्रदान किया। विशिष्ट हस्तशिल्प प्रादेशिक पुरस्कार के अन्तर्गत 04 लाभार्थियों को पुरस्कृत किया। उन्होंने एक हस्तशिल्पी को दक्षता पुरस्कार प्रदान किया। 03 बुनकरों को संतकबीर राज्य हथकरघा पुरस्कार तथा 03 उद्यमियों को ईको एवं हेरिटेज टूरिज्म पुरस्कार वितरित किये। उन्होंने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के 06 विजेताओं को भी पुरस्कृत किया। ओ0डी0ओ0पी0 उत्पादों की ई-मार्केटिंग के लिए ‘ओ0डी0ओ0पी0 मार्ट पोर्टल’ को लॉन्च किया। झांसी, अयोध्या, लखनऊ, पूर्वांचल तथा ब्रज सहित जम्मू-कश्मीर के कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा पर आधारित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। इससे पूर्व, मुख्यमंत्री जी ने प्रदर्शनी का उद्घाटन कर अवलोकन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राचीन काल में भारत के 16 महाजनपदों में से 08-काशी, कौशल, मल्ल, चेदि, वत्स, कुरु, पाँचाल और शूरसेन उत्तर प्रदेश के क्षेत्र में आते थे। अलग-अलग समय में अवध, कान्यकुब्ज, काशी, रुहेलखण्ड तथा बुन्देलखण्ड उत्तर प्रदेश का भाग रहे। ब्रिटिश शासन के दौरान इसे पश्चिमी प्रान्त, उत्तर पश्चिम प्रान्त, आगरा और अवध का संयुक्त प्रान्त आदि नामों से जाना गया। वर्ष 1937 से 1950 तक उत्तर प्रदेश को संयुक्त प्रान्त के नाम से जाना गया। 26 जनवरी, 1950 को भारत का संविधान लागू हुआ। इससे 02 दिन पूर्व 24 जनवरी, 1950 को एक नोटिफिकेशन के माध्यम से संयुक्त प्रान्त का नाम परिवर्तित कर उत्तर प्रदेश किया गया। मार्च, 2017 में हमारी सरकार का गठन हुआ। उस समय प्रदेश के राज्यपाल श्री राम नाईक ने प्रधानमंत्री जी के विजन को साकार करने के लिए उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस के आयोजन की बात की थी। 24 जनवरी, 2018 को पहले उत्तर प्रदेश दिवस समारोह को भव्यता और दिव्यता से आयोजित किया गया। जब प्रदेश सरकार ने राज्य की विरासत को प्रोत्साहन दिया और उसे केन्द्र सरकार का संरक्षण मिला, तो आज उत्तर प्रदेश देश व दुनिया में अपना विशिष्ट स्थान बना रहा है।
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