लखनऊ, 25 जनवरी 2025
महाकुम्भ मेला क्षेत्र में लगातार दूसरे दिन आयोजित भव्य ड्रोन शो ने नई ऊंचाइयों को छुआ। भारत में निर्मित 2,500 ड्रोन के माध्यम से शनिवार शाम ‘राष्ट्रीय पर्यटन दिवस’ की शुभकामनाएं दी गई। इस विशेष प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। यह जानकारी प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने दी। उन्होंने बताया कि प्रयागराज संगम तट के आसमान में एक बार फिर ड्रोन ने रोशनी बिखेरते हुए दिव्य और भव्य प्रदर्शन किया। समुद्र मंथन की महाकाव्य गाथा का चित्रण किया। ड्रोन के माध्यम से संस्कृति, अध्यात्म और तकनीक का अद्भुत प्रदर्शन देखने को मिला। राज्य में अब तक के सबसे बड़े ड्रोन शो का आयोजन उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा किया गया है। ड्रोन शो तीन दिन 24, 25 और 26 जनवरी को होगा। यह गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) तक जारी रहेगा।
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में महाकुम्भ क्षेत्र वैश्विक तीर्थ स्थल बन चुका है। देश और दुनिया के कोने-कोने से आने वाले यात्रियों के लिए हमने 2,500 ड्रोन का तीन दिवसीय मेगा शो आयोजित किया है, जो ‘समुद्र मंथन’ की कथा और महाकुंभ की उत्पत्ति को दर्शा रहा है। शुक्रवार को ड्रोन शो ने यूपी स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दी थीं, जबकि शनिवार को शो में ‘राष्ट्रीय पर्यटन दिवस’ की विशेष प्रस्तुति हुई।
मंत्री जयवीर सिंह ने पर्यटन विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा, कि परंपरा और आधुनिकता को जोड़कर प्रयागराज को विश्वस्तरीय सुविधाओं का केंद्र बनाया गया है। इसमें स्वास्थ्य सेवाओं, परिवहन और महिला सुरक्षा जैसी तमाम सुविधाएं शामिल हैं, जो लाखों श्रद्धालुओं की जरूरतों को पूरा करती हैं। जयवीर सिंह ने बताया कि तीर्थयात्रियों और पर्यटकों ने शनिवार शाम प्रयागराज के आसमान में नीली रोशनी और धार्मिक प्रतीकों के साथ अद्भुत दृश्य का आनंद लिया। यह शानदार शो भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और तकनीक कौशल का उत्सव है। पर्यटन मंत्री ने बताया कि इससे पहले, शनिवार को पर्यटन और संस्कृति विभाग ने लखनऊ के अवध शिल्पग्राम में एक संयुक्त कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश को एक वैश्विक पर्यटन गंतव्य के रूप में पहचान दिलाने वाले विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, यूपी पर्यटन पर प्रश्नोत्तरी, ट्रैवल इन्फ्लुएंसर मीट और कृषि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए चर्चा आयोजित की गई। इससे इको-टूरिज्म और फार्म स्टे जैसी सुविधाओं के विकास का मार्ग प्रशस्त होगा।

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