आमोद श्रीवास्तव
लखनऊ। यूपी प्रेस क्लब में सृजन साहित्यिक संस्थान के तत्वाधान में डा.मधु पाठक, मांझी की दो पुस्तकों ” मैं शब्द हूं ” एवं “भावों का झरोखा ” का लोकार्पण हुआ। संस्था के अध्यक्ष सर्वेश अस्थाना की उपस्थिति में कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राम बहादुर मिश्रा, विनोद शंकर शुक्ला एवं हसीब सिद्दीकी एवं विशिष्ट अतिथि डॉo वी बी पाण्डेय की उपस्थिती रही। सभी अतिथियों को शाल और माला से सम्मान किया गया। कार्यक्रम की शुरूआत सर्वेश अस्थाना के उद्बबोधन से हुआ, उन्होने अपने विचार प्रकट किये। तथा संगठन के बारे मे विस्तार से बताया। वरिष्ठ कवि अनूप श्रीवास्तव की काफी तारीफ की। कार्यक्रम का सफल संचालन राजीव वर्मा वत्सल ने किया। वाणी वंदना कवियत्री प्रतिभा श्रीवास्तव के मुखारविंद से प्रकट हुई। सृजन साहित्यिक संस्था के 143 वे आयोजन में राकेश पांडे सागर एवं सीमा श्रीवास्तव को सृजन सम्मान से सम्मानित किया गया। संस्था के अध्यक्ष सर्वेश अस्थाना ने डा. ‘मधु पाठक मांझी’ की पुस्तकों के बारे में बताते हुए उन्हें आशीष वचन प्रदान किया। अथर्व इंडिया अंतरराष्ट्रीय शोध संस्थान के निदेशक डॉ.वी बी पाण्डेय ने वर्तमान समय में साहित्य में हो रही मूल विधाओं की कमी एवं गुरु शिष्य परंपरा के ह्रास को बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए पुस्तकों के लेखन एवं विषयों पर प्रकाश डाला। साहित्य के संरक्षण हेतु साहित्यकारों के लिए रियायती दर पर पुस्तक के प्रकाशित करने की बात भी कही।
कार्यक्रम में उपस्थित विद्वान कृपा शंकर श्रीवास्तव,” विश्वास”, अविजीत सिंह, डॉ रुद्रमणि, अनुराग मिश्र, केवल प्रसाद ‘सत्यम’ , गिरधर खरे, मधु दीक्षित, योगी योगेश शुक्ल, के.पी.त्रिपाठी ‘पुंज’, महेश चंद्र गुप्त ‘महेश’, अर्श लखनवी,प्रमोद श्रीवास्तव, कीर्ति वाणी, अखण्ड प्रताप सिंह, उमा लखनवी, तमाचा लखनवी, सिराज खान, रजनी राय, सरोज तिवारी ‘आर्यवर्ती’, निर्भय प्रताप सिंह, डॉ संदीप शर्मा, मोहन बिष्ट, डॉ पी एन श्रीवास्तव आदि लगभग 60 लोगों ने काव्यपाठ किया। कार्यक्रम सभी मेहमानों का अंग वस्त्र से पहनकर सम्मान किया गया. कार्यक्रम के अंत में डा.मधु पाठक,” मांझी” ने एक विवाह गीत पढ़ कर सभी का आभार प्रकट किया तथा अच्छा सा जल-पान सभी को दिया गया।

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