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मुख्य सचिव ने ऑनलाइन ग्रामीण शिक्षा ‘पहल’ कार्यक्रम का किया शुभारंभ

लखनऊ।  मुख्य सचिव श्री दुर्गा शंकर मिश्र ने ऑनलाइन ग्रामीण शिक्षा ‘पहल’ कार्यक्रम का सरोजनीनगर स्थित राजकीय यू0पी0 सैनिक इण्टर कॉलेज से शुभारंभ किया। यह कार्यक्रम माध्यमिक शिक्षा द्वारा आईआईटी कानपुर के सहयोग से तैयार किया गया है। इस कार्यक्रम के तहत प्रदेश के 10 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में निःशुल्क ऑनलाइन शिक्षा प्रदान की जायेगी। अपने संबोधन में मुख्य सचिव ने कहा कि ऑनलाइन ग्रामीण शिक्षा ‘पहल’ एक नई और अच्छी शुरुआत है। इन कक्षाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थी विज्ञान एवं गणित से सम्बन्धित नवीनतम जानकारियां प्राप्त कर सकेंगे। आने वाले समय में उत्तर प्रदेश देश का ग्रोथ इंजन बनने वाला है, इस ग्रोथ इंजन को ताकत प्रदेश के बच्चे देंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि सरकारी स्कूली बच्चों को ऐसी शिक्षा दी जाए, जिससे छात्र एक स्तम्भ के रूप में देश की अर्थव्यवस्था को तेजी से बढ़ाने में अपना योगदान दे सकें। टेक्नोलॉजी के माध्यम से आज उत्तर प्रदेश में 10 सरकारी स्कूलों में व्यवस्था शुरू की गई, आगामी दिनों में 40 हजार स्कूलों में यह व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि मा0 प्रधानमंत्री जी ने ट्रिपल एस (स्किल, स्केल और स्पीड) का मंत्र दिया था, पहले आप सीखिए, स्केल-अप करिए और फिर स्पीड के माध्यम से सभी लोगों तक लाभ पहुंचाइये। यह तभी संभव होगा जब हम टेक्नोलॉजी का प्रयोग करेंगे। कोविड महामारी के दौरान डिजिटल टेक्नोलॉजी का भरपूर इस्तेमाल किया गया। बच्चों ने डिजिटल टेक्नोलॉजी के माध्यम से घर बैठकर पढ़ाई की। वर्ष 2020 में नई शिक्षा नीति लागू की गई, नई शिक्षा नीति में आमूलचूल परिवर्तन हुआ। उन्होंने कहा कि नवीन तकनीक व ‘निपुण’ कार्यक्रम के माध्यम प्राइमरी स्कूल की तस्वीर बदल गई है। प्राइमरी स्कूल में बच्चों को अध्यापकों द्वारा प्रैक्टिकल के माध्यम शिक्षा से दी जा रही है, जिससे अब बच्चे रटने के स्थान पर विषय को समझकर अंगीकार कर लेते हैं। कायाकल्य कार्यक्रम के तहत सभी प्राइमरी विद्यालयों में प्राइवेट स्कूल की भांति सुविधायें उपलब्ध करायी जा रही हैं। आज सभी प्राइमरी स्कूल में बैठने के लिये सीट, स्मार्ट बोर्ड, शौचालय और तमाम सारी चीजें प्रदर्शित हैं, जो उन्हें जानना चाहिये। इसी प्रकार मिशन अलंकार के माध्यम से इण्टरमीडिएट कॉलेजों का पूरा-पूरा कायाकल्य हो रहा है।
इस मौके पर मुख्य सचिव ने स्मार्ट क्लास का अवलोकन किया। साथ ही मुख्य सचिव ने हाईस्कूल और इंटर की परीक्षा में उत्तीर्ण हुए छात्र-छात्राओं को सम्मानित भी किया। उन्होंने माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिये किये जा रहे प्रयासों की सराहना की तथा आई0आई0टी0 कानपुर की टीम का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया। उल्लेखनीय है कि आई0आई0टी0 कानपुर के माध्यम से प्रारम्भ किये गये नवाचार जो हमारे प्रदेश के 10 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में ग्रामीण विद्यार्थियों को ऑनलाईन शिक्षण की व्यवस्था की शुरूआत की गई है। आई0आई0टी0 कानपुर के सहयोग से तैयार किये गये ओ0आर0ई0आई0 (ऑनलाइन रूरल एजुकेशन इनीशिएटिव) कार्यक्रम के अंतर्गत कक्षा-9 से कक्षा-12 तक के विद्यार्थी लाभान्वित हो सकेंगे। इस कार्यक्रम का प्रारम्भ वर्ष 2018 में बी0टेक0 के छात्रों के एक समूह द्वारा जनपद कानपुर नगर के एक गांव में प्रारम्भ किया गया था, जिसके उपरान्त यह कार्यक्रम श्री राम जानकी इण्टर कॉलेज, बिठूर, कानपुर नगर तथा भारतीय ग्रामीण विद्यालय, महोना, लखनऊ में विस्तारित किया गया।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य आई0आई0टी0 कानपुर के वालिन्टियर्स के माध्यम से प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के कक्षा-9 से कक्षा-12 तक के विद्यार्थियों का विज्ञान तथा गणित की विश्व स्तरीय कक्षायें उपलब्ध कराना है। यह कक्षायें ऑनलाईन माध्यम से संचालित की जायेंगी। इन कक्षाओं में विद्यार्थी इंटरएक्टिव माध्यम से शिक्षकों से प्रश्न भी पूछ सकेंगे। यह कक्षायें यू-ट्यूब चैनल पर भी उपलब्ध रहेंगी, जिसे विद्यार्थी अवकाश के समय भी देख सकते हैं। कक्षाओं का माध्यम हिन्दी होगा। इन कक्षाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थी विज्ञान एवं गणित से सम्बन्धित नवीनतम जानकारियां प्राप्त कर सकेंगे। विद्यालय में इन कक्षाओं को समाहित करते हुये समय-सारिणी तैयार की जा रही है, जिससे विद्यालय के अधिकाधिक विद्यार्थी इस कार्यक्रम से लाभान्वित हो सकेंगे। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा दीपक कुमार, महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद, आई0आई0टी0 कानपुर से डॉ0 एस0संगल, श्रीमती रीता सहित सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण व भारी संख्या में स्कूली छात्र उपस्थित थे।

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