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1 अक्टूबर को सुबह 10 बजे, स्वच्छ भारत की यात्रा का नया इतिहास लिखा गया। देश भर में एक विशाल स्वच्छता अभियान में स्वैच्छिक श्रमदान के लिए करोड़ों नागरिक आगे आए। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी लोकप्रिय फिटनेस इन्फ्लुएंसर अंकित बैयनपुरिया के साथ श्रमदान में शामिल हुए। उन्होंने ट्वीट किया, “आज, जब देश स्वच्छता पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, अंकित बैयनपुरिया और मैंने भी वही किया! केवल स्वच्छता के अलावा, हमने इसमें फिटनेस और खुशहाली को भी शामिल कर लिया। यह स्वच्छ और स्वस्थ भारत की अनुभूति है!”नागरिकों के स्वामित्व और नेतृत्व में, इस मेगा स्वच्छता अभियान में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों, गांवों और शहरों की भागीदारी देखी गई। कुल मिलाकर 9 लाख से अधिक स्थानों पर लगभग 8.75 करोड़ लोगों की भागीदारी का संकेत मिलता है। सड़कों, राजमार्गों और टोल प्लाजा, रेलवे ट्रैक और स्टेशनों, टोल प्लाजा, स्वास्थ्य संस्थानों, आंगनवाड़ी केंद्रों, विरासत और पर्यटक स्थानों, आवासीय कॉलोनियों, जल निकायों, पूजा स्थलों, मलिन बस्तियों, बाजार क्षेत्रों, हवाई अड्डों और आसपास के क्षेत्रों, चिड़ियाघर और वन्यजीव क्षेत्र, गौशालाएं आदि में सफाई अभियान चलाया गया।

अनेक प्रथम पहलों वाले इस दिन, देश भर में इस जबरदस्त स्वच्छता अभियान को गति मिली, जिसमें स्वच्छता ने देश, पंचायतों, नगर पालिकाओं, जिलों और राज्य की सीमाओं से आगे बढ़कर एकजुट करने का कार्य किया। हजारों नागरिक समाज संगठनों और जनता के साथ अनेक राज्यपाल, मुख्यमंत्री और स्थानीय राजनीतिक नेतृत्व भी इसमें शामिल हुए। जवानों, नागरिकों, एनसीसी, एनएसएस और एनवाईके स्वयंसेवकों, एसएचजी, गैर सरकारी संगठनों, आरडब्ल्यूए, बाजार संघों, उद्योग निकायों, धार्मिक नेताओं, मशहूर हस्तियों, प्रभावशाली लोगों, यूट्यूबर्स, कलाकारों आदि ने इस जबरदस्त पहल के लिए मिलकर काम किया। सुलभ इंटरनेशनल सामाजिक सेवा संगठन ने 1000 सार्वजनिक शौचालयों को साफ करने के लिए लगभग 50,000 नागरिकों का नेतृत्व किया। माता अमृतानंदमयी के आश्रमों के नेटवर्क और अमृता संस्थानों के समूह ने निवासियों और भक्तों के साथ विभिन्न क्षेत्रों में सफाई की। ईशा फाउंडेशन के स्वयंसेवकों ने केंद्र के पास के ग्रामीण इलाकों में सड़कों, कॉलोनियों, शौचालयों की सफाई की। बाबा रामदेव योगपीठ ने 30,000 नागरिकों के साथ पार्कों, आवासीय क्षेत्रों और राजमार्गों सहित 1000 से अधिक स्थानों पर स्वच्छता अभियान चलाया। इस्कॉन के सैकड़ों स्वयंसेवक सड़कों की सफाई के लिए एकजुट हुए। क्रेडाई, सीआईआई, फिक्की, एसोचैम, ब्रिटानिया, बजाज, आदित्य बिड़ला, अमेज़ॅन आदि ने भी स्वच्छता अभियान में भाग लिया। अमिताभ बच्चन, रजनीकांत, इलैयाराजा जैसी हस्तियों, भारतीय क्रिकेट टीम के सदस्यों और कई अन्य लोगों ने सार्वजनिक एकजुटता को प्रोत्साहित किया। रिकी केज, अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी, राजकुमार राव जैसे कई लोग जमीनी कार्यों में शामिल हुए। वक्फ बोर्ड, गुरुद्वारा स्वयंसेवक, रोटरी क्लब, आगा खां फाउंडेशन, रामकृष्ण मिशन जैसे संगठनों ने भी भागीदारी की। बीएमजीएफ, यूएसएआईडी, यूनिसेफ, जीआईजेड जैसे सेक्टर भागीदारों ने भी स्वच्छता अभियान में हिस्सा लिया।

केंद्र सरकार के मंत्रालयों के तहत विभिन्न संगठन अनूठी गतिविधियों के साथ आगे आए। केंद्रीय मंत्री भी विभिन्न स्थलों पर श्रमदान में शामिल हुए। ‘संपूर्ण सरकारी दृष्टिकोण’ के परिणामस्वरूप एक ही समय में लाखों स्थलों पर श्रमदान स्वयंसेवकों को सहज सुविधा उपलब्ध हुई। जब समर्पित स्वयंसेवकों के छोटे समूहों ने अपने चुने हुए स्थलों को साफ़ किया तो एक उपलब्धि की अनुभूति हुई। पंचायतों, शहरी स्थानीय निकायों और जिला प्रशासन की भूमिका एक सुविधा प्रदाता की अधिक थी। इस अविश्वसनीय समय में लोगों और नागरिक समाज संगठनों ने कचरा संग्रहण, कचरा उठाने, उसके सुरक्षित निपटान आदि के लिए पहल की। प्रत्येक श्रमदान स्थल पर शून्य अपशिष्ट और प्लास्टिक मुक्त का सिद्धांत अपनाकर आयोजन किया गया था।

24 सितंबर, 2023 को 105वीं मन की बात कार्यक्रम के दौरान माननीय प्रधानमंत्री के कार्य करने के आह्वान के बाद, मिशन ने तेजी से एक सक्षम प्रौद्योगिकी बुनियादी ढांचा तैयार किया, जहां लोग श्रमदान के लिए अपनी पसंदीदा साइट पर पंजीकरण, पहचान और चयन सकते थे। एक मजबूत बैकएंड बुनियादी ढांचा भी स्थापित किया गया, जिससे शहर के अधिकारियों, नागरिक समाज संगठनों, कॉर्पोरेट निकायों आदि को पंजीकरण करने की अनुमति मिली। कूड़ा-कचरे के प्रति संवेदनशील स्थलों की पहचान की गई और उन्हें पोर्टल पर अपलोड किया गया, जिससे जनता को अपनी पसंद की साइटों को चुनने और उनमें शामिल होने में मदद मिली। श्रमदान के दिन वे अपनी तस्वीरें भी अपलोड कर सकते हैं और भागीदारी का प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकते हैं। किसी भी सामाजिक व्यवहार परिवर्तन अभियान में आवश्यक होने के नाते, जनता को पहल के बारे में सूचित करने और उनकी भागीदारी के लिए अपील करने वाले सरल और समान संदेश गांवों और कस्बों में अपनाए गए। स्थानीय अंतर-व्यक्तिगत संचार, डिजिटल मीडिया, सोशल मीडिया और संचार के अन्य नवीन साधनों के मिश्रण का उपयोग करके पूरे देश में गति बनाई गई।

लोगों के इस सामूहिक प्रयास से निश्चित रूप से सभी स्थलों पर साफ-सफाई दिखाई देने लगी। स्वच्छ भारत मिशन के 9 वर्षों में, सामूहिक प्रयासों की ताकत को उजागर करते हुए लोग कई अवसरों पर एक साथ आए हैं। स्वच्छ राष्ट्र के लिए स्वैच्छिक प्रयास के लिए एक ही घंटे में इतनी बड़ी संख्या में लोगों का एक साथ आना निश्चित रूप से दुनिया में अपनी तरह का अनोखा प्रयास है। जैसा कि स्वच्छ भारत मिशन-2.0 के तहत यात्रा जारी है, इस तरह की सामूहिक कार्रवाई निश्चित रूप से वैज्ञानिक तरीके से कचरे के प्रबंधन और विरासत में मिले कचरे का उपचार 2026 तक कर कचरा मुक्त राष्ट्र के लिए कार्य करने की ताकत बढ़ाएगी।

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